Wednesday, 27 November 2013

मोटापा कम करे घर बैठे



मोटापा कम करे ैठे-

मोटापा वैसे तो किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन महिलाओं में यह ज्‍यादा देखने को मिलता है। जानकारी के अनुसार मोटापा, न केवल गलत खान-पान की आदत से होता है, बल्कि मासिक धर्म की अनियमितता से भी होता है। आज हम इसी बात पर चर्चा करेगें कि महिलाओं में मोटापा बढ़ने का क्‍या कारण है और इसको किस विधि से कम किया जा सकता है। अगर आप भी महिला हैं, और बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो इसे

पढ़े। किस-किस जगह आता है मोटापा जांघे- थाई का स्‍थान सबसे पहले बढ़ता है, क्‍योंकि जो मासिक धर्म में अवरोध होता है है, तो जांघे मोटी होने लगती हैं और इतनी मोटी हो जाती हैं कि चलने फिरने में भी परेशानी आने लगती है। पेट- का बढ़ना आमतौर पर शौच और पीरियड पर ही निर्भर करता है और दर्द भी रहने लगता है। इससे भूख कम हो जाती है और गैस बनने लगती है। साथ ही पेट भारी रहने लगता है। कमर- लंबे समय तक मोटापा कमर पर ही दिखाई देता है। फिर कमरे जैसा शरीर होने लगता है और बढ़े हुए वजन की वजह से घुटनों पर असर पड़ता है और वह दर्द होने लगता है। छाती और पीठ- छाती और पीठ पर टाइट कपड़े पहनने से यह बढ़ता है।



मोटापा मिटाने का मूल मंत्र फल निष्‍कासन को तेज करते हैं जैसे नींबू पानी
, गर्म पानी, छाछ, गुनगुना आंवला रस या कोई फल जैसे पपीता, अंगूर, अनार, संतरा, मौसमी आम या सब्‍जियां लौकी और बैगन का प्रयोग करें।

1.योग- मोटापे को कम करने के लिए जितना योग में चक्‍की संचालन, साइकलिंग, धनुरासन और अश्‍वासन मुख्‍य है। मसाज पूरे शरीर के खून को सर्कुलेट करने में मदद करती है। इसके साथ ही मसाज मोटापे को कम करने का भी काम आसान करती है।
 2.सूर्य स्‍नान- इससे जमा हुआ फैट बाहर निकलता है इसलिए 30 से 50 मिनट सूर्य स्‍नाना करना चाहिये। यह मोटापा कम करता है। खाने के 10 मिनट बाद पानी पींए, मोटापा कम होगा। 4. पेट में जमने वाली वस्‍तु जैसे चॉक्‍लेट, टॉफी, ब्रेड, बिस्‍कुट आदी से परहेज करें। इन्‍हें बार-बार नहीं खाएं

Tuesday, 26 November 2013

अदरक के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ



 अदरक के स्‍वास्‍थ्‍यलाभ

भारतीय मसालों में अदरक का अधिक प्रयोग किया जाता है। इसका सेवन हमें कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाता है। वैजानिको के अनुसार ताज़ी अदरक में 81% जल, 2.5% प्रोटीन, 1 % वसा, 2.5 रेशे और 13% कार्बोहाइड्रेट होता है।
चलिए जानते हैं अदरक के कुछ लाभदायक गुण। आज हम आपको अदरक के कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ बताएंगे जिसे आप आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। स्‍वास्‍थ्‍य के लिये लाभकारी अदरक 1/7 क्‍यों हैं जरुरी अदरक ? आयुर्वेद व यूनानी चिकित्‍सा प्राणालियों में अद‍रक को शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त है। यह पाचन और सांस की बीमारियों में बहुत लाभकारी होती है। अदरक में कैल्‍शियम, फॉसफोरस, आयरन, मैग्‍नीशियम, कॉपर, जिकं आदि मिनरल पाए जाते हैं। अदरक क्‍यों हैं जरुरी? आयुर्वेद व यूनानी चिकित्‍सा प्राणालियों में अद‍रक को शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त है। यह पाचन और सांस की बीमारियों में बहुत लाभकारी होती है। अदरक में कैल्‍शियम, फॉसफोरस, आयरन, मैग्‍नीशियम, कॉपर, जिकं आदि मिनरल पाए जाते हैं।
1. भूख बढाए - यदि अदरक को भोजन के पहले सेंधा नमक व नींबू के साथ मिला कर खाया जाए तो भूख बढा जाती है। यह शरीर में जा कर अपच के विषाक्त पदार्थों कबाहर निकालती है। इससे पेट में गैस नहीं बनती और शौच शुद्वि भी होती है।  
2. सर्दी, खासी और सिरदर्द भगाए- नाक से पानी बहना, सिरदर्द और सर्दी को यह चुटकियों को पल में भगा देता है।


एक कप अदरक, शहद और तुलसी के पत्‍तों वाली चाय बना कर पीने से जुखाम गायब हो जाएगा। 
 3. यात्रियों के लिये फायदेमंद- कई लोंगो को यात्रा करते वक्‍त या फिर चक्‍कर वाला झूला झूलते वक्‍त मन मचलाना, सिरदर्द और उल्‍टी का अनुभव होता है तो ऐसे में मुंह में एक टुकडा़ अदरक रख लेने से समस्‍या का समाधान हो जाता है।


 4. जोडो़ के दर्द के लिये- सूखी अदरक या फिर उसका पाउडर का सेवन करने से जोडो़ में पैदा होने वाली सूजन तथा दर्द छुटकारा मिलता है।  
 5. जवां और चमकदार त्‍वचा- जवां और चमकदार त्‍वचा पाने के लिये रोज सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी के साथ अदरक का एक टुकड़ा जरूर खाएं। इससे पिगमेंटेशन की समस्‍या भी दूर हो जाए

केले खाने के फायदे

केले खाने के फायदे

केला खाने से आप अपनी पूरी जिन्‍दगी स्‍वस्‍थ्‍य रह सकेते हैं।
रिसर्च के मुताबिक केला आपको कई बीमारियों से बचा सकता है। कई डायटीशियन केला खाने को इसलिये मना करते हैं क्‍योंकि इसमें कैलोरी बहुत ज्‍यादा होती है, लेकिन आप अपनी डाइट से केले को नहीं बल्कि उस आहार को हटाइये जिससे वजन बढ़ता है और उसको खाने से कोई फायदा भी नहीं होता। अगर आपको जानना है कि केला खाने क्‍या स्‍वास्‍थ्‍यलाभ

1. ऊर्जा- केला एथलीट लोगो का फेवरेट होता है क्‍योंकि यह तुरंत एनर्जी प्रदान करता है। ब्रेकफास्‍ट में केला खाने से ऊर्जा बढती है और सूकरोज़, फ्रक्‍टोज़ और ग्‍लूकोज जैसे पोषक तत्‍व भी मिलते हैं। वे लोग जो दिन भर भूखे प्‍यासे रहते हैं, अगर वह केवल केला ही खा लें तो उन्‍हें अन्‍य फल के मुकाबले केले से तुरंत एनर्जी मिलेगी।


 2. पाचन- केले में रेशा पाया जाता है, जिससे पाचन क्रिया मजबूत बनती है। गैस्‍ट्रिक की बीमारी वाले लोंगो के लिये केला बहुत प्रभावशाली उपचार है। वे लोग जो ट्रैवेलिंग की तैयारी कर रहें हैं उन्‍हें अक्‍सर कब्‍ज की शिकायत हो जाती है। इसको दूर करने के लिये वे केले को अपने साथ ले सकते हैं। 

3. डिप्रेशन- एक सर्वे के मुताबिक यह बात सामने आई है कि वे लोग जो डिप्रेशन की बीमारी से पीडि़त थे, वे केला खाने के बाद अच्‍छा महसूस करते थे। यह सिर्फ इसलिये क्‍योंकि केले में प्रोटीन, ट्रायफोटोपन पाया जाता है, जो कि माइंड को रिलैक्‍स कर देता है।

  4. एनीमिया- वे लोग जो एनीमिया से प्रभावित हैं, उन्‍हें अपनी डाइट में केला शामिल करना चाहिये। यह शरीर के खून में हीमोग्‍लोबिन को बढाता है। जिससे एनीमिया की शिकायत दूर हो जाती है।

 5. अनिद्रा और हैंगओवर- रिसर्च के मुताबिक दूध के साथ केला और शहद मिला कर पीने से अनिद्रा की समस्‍या दूर हो जाती है। साथ ही यह शरीर के शुगर लेवल को भी रेगुलेट करता है, जो कि हैंगओवर का रामबाण इलाज है।
 6. ब्‍लड प्रेशर- केले में पोटैशियम पाया जाता है, जो ब्‍डल प्रेशर के रिस्‍क को कम कर के हार्ट अटैक और हाईपरटेंशन की बीमारी को कंट्रोल करता है। यूएस में किसी अन्‍य फल के मुकाबले केला खाने को ज्‍यादा कहा जाता है।

 7. बुद्धि- बच्‍चों में ध्‍यान और बुद्धि बढानी है, तो उन्‍हें केला खिलाइये। एक्‍ज़ाम पड़ने पर केला खिलाने से बच्‍चों का थका हुआ दिमाग, ऊर्जा से भर जाता है, वे एर्ल्‍ट हो जाते हैं और साथ ही उन्‍हें ऊर्जा भी मिलती है।

Saturday, 23 November 2013

अमरूद




http://jkhealthworld.com/hindi/अमरूदअमरूद से तो आप सभी परिचित होगें, इसे भारत के कई स्‍थानों पर जामफल भी कहा जाता है। अमरूद पेट से जुड़ी समस्‍याओं को दूर भगाने में बेहद कारगर होता है। सर्दियों के मौसम में अमरूद, फलों का बादशाह होता है। सस्‍ते होने के साथ - साथ इसमें स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कई लाभदायक गुण भी होते हैं। अमरूद का अर्थ होता है मीठा, एक ऐसी मिठास जिससे विटामिन, मिनरल और भरपूर मात्रा में फाइबर भी होता है। आइए जानते हैं अमरूद में और कौन - कौन से स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक गुण हैं। अमरूद के स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक गुण अमरूद के लाभ- मुंह में छालों से दिलाता है आराम : अगर आपके मुंह में काफी छाले हो गए हैं या फिर अक्‍सर आपको माउथ अल्‍सर की प्रॉब्‍लम बनी रहती है तो आप अमरूद की नई - नई कोमल पत्तियों को सेवन करें। इससे आराम मिलता है। शरीर करता है फिट एंड फाइन : अमरूद में मौजूद पौष्टिक तत्‍व शरीर को फिट और फाइन रखने में मदद करता है बशर्ते इसे सही समय पर खाया जाएं। रात में खाने से सर्दी में खांसी भी आ सकती है। कब्‍ज से छुटकारा : अमरूद बॉडी के मेटाबॉल्जिम को बैलेंस रखता है इस वजह से इसके सेवन से कब्‍ज से छुटकारा मिल जाता है। आंखों को बनाएं स्‍वस्‍थ्‍य : अमरूद में विटामिन ए की मात्रा काफी होती है जो कि आंखों को स्‍वस्‍थ बनाएं रखती है। इसके अलावा अमरूद में विटामिन सी भी होता है जो बीमारियों को शरीर से दूर भगाता है। त्‍वचा पर लाए ग्‍लो : जी हां, अमरूद में मौजूद पौटेशियम के कारण इसके नियमित सेवन से स्‍कीन ग्‍लो करती है और कील मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है। अमरूद खाकर मोटापा घटा सकते हैं : शरीर में मोटापे की मुख्‍य वजह बॉडी का कोलेस्‍ट्राल होता है
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अमरूद में मौजूद तत्‍व शरीर से कोलेस्‍ट्रॉल को कम कर देते हैं जिससे मोटापा घट जाता है। तो अगली डाईटिंग शेड्यूल में अमरूद को शामिल करना न भूलें। नशे को कम करता है : अगर किसी व्‍यक्ति को भांग का नशा भयंकर चढ़ गया हो तो उसे अमरूद के पत्‍तों का रस पिलाने से नशा कम हो जाएगा। रस की बजाय आप अमरूद के पत्‍तों को भी खिला सकते हैं बशर्ते वो नशेड़ी व्‍यक्ति उसे अच्‍छे से चबा ले।



Friday, 22 November 2013

बाल झड़ना एक आम समस्‍या है



बाल झड़ना एक आम समस्‍या है, लोग जानते हैं पर फिर भी इसको रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करते। यदि आप अपने बालों की सही देखभाल करेंगी और संतुलित खानपान लेंगी तो निश्चित तौर आपके बाल चमकीले और अच्छे होने के साथ साथ मजबूत भी होगें। आइए जानें की बाल झड़ने की समस्‍या को कैसे रोका जाए- 1.अगर आप का स्‍वास्‍‍थ्‍य ठीक नहीं है और शरीर में विटामिनबी´ एवं प्राकृतिक लवणों, लौह तत्व तथा आयोडिन की कमी है तो सबसे पहला असर आपके बालों पर ही पडेगा इसलिए आपको अपनी डाइट का खास ख्याल रखना होगा। 2.कई प्रकार के लम्बे रोग जैसे- टायफाइड, उपदंश, जुकाम, नजला, साइनस तथा रक्तहीनता (खून की कमी) आदि रोग होने के कारण भी व्यक्ति के बाल झड़ने लगते हैं। 3.अक्‍सर बालों के प्रति लापरवाही के कारण भी ऐसी समस्‍या उत्‍पन्‍न हो जाती है। 4.बाल झड़ने का एक मुख्य कारण स्ट्रेसफुल लाइफ भी है। आजकल लोगों पर काम का इतना ज्यादा बोझ है
जिससे वे तनाव में आ जाते हैं। ऐसे में हमें बालों को झड़ने से बचाने के लिए तनाव से दूर रहना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि अधिक से अधिक खुशनुमा माहौल में रहें। 5.कई बार मौसम बदलने या फिर जगह बदलने के कारण भी बाल झड़ने लगते हैं, ऐसे में आपको अपने बालों की केयर करते रहनी चाहिए और बालों को सप्ताह में दो-तीन बार जरूर धोना और नियमित रुप से तेल लगाना चाहिए। 6.कब्ज रहना, नींद न आना तथा अधिक दिमागी कार्य करने के कारणों के साथ्‍ा ही बढ़ती उम्र और शरीर में लगातार बदलते हार्मोंस भी बाल झड़ने का प्रमुख कारण है। उपचार : 1.बालों के झड़ने की समस्‍या का उपचार करने से पहले इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए और फिर इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से करना चाहिए। 2.आपको अपने भोजन में सब्जियां, सलाद, मौसमी फल, अंकुरित अन्न का अधिक मात्रा में उपयोग करना चाहिए तथा पत्ता गोभी, अनानास और आंवले का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए 3.अपने सिर को दही से धोएं और उसके थोडी देर बाद बथुए के पानी से दुबारा सिर धुलें। ऐसा करने से रोगी के बाल झड़ना रुक जाते हैं। 4.रात में मेथी के बीजों को पानी में भिगो दें और सुबह उठने पर इन्हे पीसकर लेप जैसा बना कर बालों पर लगा लें। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बाल झड़ना रुक जाएंगे। 5.सुबह सूर्योदय से पहले दैनिक कार्यो से निवृति के बाद स्नान करना चाहिए। इस प्रकार के स्नान से पेट, सिर और आंखों में गर्मी नहीं बढ़ती है। जिसके फलस्वरूप बाल झड़ना रुक जाते हैं।



स्ट्रॉबेरी का फल

लाल रंग का रसीला स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध व स्वाद के कारण विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय फल माना जाता है। स्‍ट्रॉबेरी का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। कई लोग इसे बहुत पसंद करते हैं मगर कुछ लोगों को यह बिल्‍कुल भी पसंद नहीं। इसका कई रूपों में उपयोग किया जाता है। स्ट्रॉबेरी का मिल्क शेक हो या फिर आइसक्रीम अथवा स्ट्रॉबेरी का मीठा दही या फिर जैम, किसी भी रूप में क्यों न हो, स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध के कारण विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय फल है।
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ब लगभग पूरे भारत में स्ट्रॉबेरी का फल उपलब्ध होता है और ताजे फल से लेकर विभिन्न रूपों में प्रयोग किया जाता है। जो फल केवल महाबलेश्वर, ऊटी जैसे पर्वतीय प्रदेशों में उपलब्ध था, अब गर्म रेगिस्तानी क्षेत्रों को छोड़कर सभी जगह इसकी कृषि होती है। आज कह स्‍ट्रॉबेरी का ही सीजन है तो, अगर आप स्‍ट्रॉबेरी नहीं खाते, तो अब खाना शुरु कर दीजिये। स्‍ट्रॉबेरी ना केवल स्‍वाद में ही लाजवाब होती है मगर इसके कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी हैं।
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दरअसल हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि स्ट्रॉबेरी हमारे भीतर हृदय रोगों और मधुमेह का विकास नहीं होने देती। आइये और जानते है लाल और स्‍वाद भरी स्‍ट्रॉबेरी के बारे में- स्ट्रॉबेरी के 10 स्‍वास्‍थ्‍य लाभ 1/11 प्रतिरक्षा को बढाती है स्‍ट्रॉबेरी में विटामिन सी होता है जो कि आपके दिनभर की विटामिन सी की कमी को पूरा करती है। यह एक आपी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढा सकती है, जिससे आप दिनभर लगन से काम कर सकें