पित्त प्रकोप :अमलतास के गूदे के 40-60 मिलीलीटर काढ़े में 5-10 ग्राम इमली का गूदा मिलाकर सुबह-सुबह पिलाने से पित्त प्रकोप में लाभ होता है। यदि रोगी को कफ की अधिकता हो तो इसमें थोड़ा निशोत का चूर्ण भी मिलाना चाहिए।
लाल रंग के निशोत के काढे़ के साथ अमलतास की मज्जा का कल्क मिलाकर अथवा बेल के काढ़े के साथ अमलतास की मज्जा का कल्क, नमक एवं शहद मिलाकर पित्त की प्रधानता में 10-20 मिलीलीटर की मात्रा में पीना चाहिए।
अमलतास के गूदे का 40-60 मिलीलीटर काढ़ा पित्तोदर में लाभप्रद है।

No comments:
Post a Comment