Health information: स्वप्न दोष: स्वप्न दोष मुझे कई सवालों भरे मेल आए जिसमें से 60 फीसदी सवालों में स्वप्न दोष बंद करने की जानकारी मांगी गई थी या फिर उसका कोई इलाज पूछा...
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Saturday, 29 November 2014
पालक खाऩे के लाभ (spinach)
पालक खाऩे के लाभ (spinach)
5.जो लोग बाल गिरने
से परेशान हैं उन्हें रोज पालक खाना चाहिए।
हरी सब्जियों की जब
भी बात आती है तो सबसे पहले पालक का नाम आता है।
1.पालक में कैल्शियम
बहुत अधिक रहता है।
2.यह बढ़ते बच्चों,
बूढ़े व्यक्तियों और गर्भवती स्त्रियों
के लिए बहुत फायदेमंद है।
3.पालक खाने से माताओं
के स्तनों में अधिक दूध बनता है।
4.पालक त्वचा और
शरीर के लिए भी बहत अच्छा होता है।

6.पालक त्वचा को
रूखे होने से बचाता है।
7.पालक आखों में चमक
उत्पन्न करता है।
8.पालक के पेस्ट को
चेहरे पर लगाने से चेहरे से झाइयां दूर हो जाती है।
9. पालक खाइये अच्छी
सेहत बनाइये है।
Sex ke dauran wo itana chup kyon rahati hai
Sex के दौरान वो इतना चुप क्यूँ
रहती है ? सवाल: दीदी जी , जब मैं अपनी
गर्ल फ्रेंड के साथ ओरल Sex करता
हूँ , या जब हम Sex करते
हैं , तो वो कोई आवाज़ ही नहीं निकालती , तब भी नहीं जब
उसे ओर्गास्म होते हैं। इसका क्या मतलब है ? उसके शरीर के हिलने- डुलने से तो ऐसा..
originally shared:.
Sex के दौरान वो इतना चुप क्यूँ
रहती है ? सवाल: दीदी जी , जब मैं अपनी
गर्ल फ्रेंड के साथ ओरल Sex करता
हूँ , या जब हम Sex करते
हैं , तो वो कोई आवाज़ ही नहीं निकालती , तब भी नहीं जब
उसे ओर्गास्म होते हैं। इसका क्या मतलब है ? उसके शरीर के हिलने- डुलने से तो ऐसा..
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झुर्रिया भगाओ ऑलिव ऑयल अपना ओ (Zaitun Oil)
झुर्रिया भगाओ ऑलिव ऑयल अपना ओ (Zaitun Oil)
1.हफ्ते में तीन बार नींबू में रस मेंऑलिवऑयलमिला कर चेहरे की मालिश करें2.बालो सिल्की हो जाएंगे उलझे बालों की समस्या भी सुलझेगी। अगर आपको डैंड्रफ की समस्या है तो वही भी कम हो जाएगी।
3.ऑलिव ऑयल और नींबू मिलाकर कुहनी पर अच्छी तरह रगड़ें। इससे कुहनी का रुखापन दूर होगा।
आपकी कुहनी हाथ की रंगल से मेल खाती हुई हो जाएगी। 4.रुखे फटे होठों पर ऑलिव ऑयल कि हल्की मालिश करें इससे आपके होंठ कोमल हो जाएगें।
5.नाखून बने मजबूत करीब आधे घंटे के लिए ऑलिव ऑयल में नाखूनों को डुबोकर रखें। इससे नाखून और क्यूटिकल्स नरम और लचीले हो जाएगें।
फैटे पैर आप चाहें तो पैरों को साफ करके उसपर ऑलिव ऑयल लगाएं और सूती मोजे पहन कर सो जाएं। इससे आपके पैर नरम और निखरी रंगत के हो जाएगें।
सर्दियों में गाजर खाने के लाभ
सर्दियों में गाजर खाने के लाभ
1.गाजर खाने से त्वचा चमकदार हो जाती है।
2.गाजर के पत्तों पर दोनों ओर घी लगाकर उन्हें गर्म करें। फिर उनका रस निकालकर 2-3 बूँदें गाम एवं नाक में डालें। इससे आधासीसी का दर्द मिटता है।
3.आंखों में किसी भी तरह का रोग होने पर कच्ची गाजर या उसके रस का रोजाना सेवन लाभप्रद है। यह प्रयोग चश्मे का नंबर घटा सकता है।
4.गाजर का रस पीने से पेशाब खुलकर आता है, रक्तशर्करा भी कम होती है।
5.जल जाने पर भी प्रभावित अंग पर बार-बार गाजर का रस लगाने से लाभ होता है। सिर्फ यही नहीं गाजर को कद्दूकस करके नमक मिलाकर खाने से खाज-खुजली में फायदा होता है।
6.गाजर के रस में नमक, घनिया पत्ती, जीरा, काली मिर्च, नीबू का रस डालकर पीने से पाचन संबंघी गड़बड़ी दूर होती है।
7.अगर आप हफ्ते में छह गाजर खाते हैं तो आपको दिल का रोग
नहीं होगा। ह्दय
की कमजोरी अथवा घड़कनें बढ़ जाने
पर गाजर को भूनकर खाने पर लाभ होता है।
Wednesday, 27 August 2014
गर्भावस्था

2. होने वाली शांतिप्रिय संतान के लिए गर्भिणी स्त्री का वातावरण शांतिप्रिय होना चाहिए।
3. माता-पिता का रंग काला है तो गर्भावस्था के पांचवें माह से नारी को दो नारंगी नित्य सेवन करना चाहिए। इससे बच्चा गोरा होगा।
Thursday, 7 August 2014
अंकोल
अंकोल
जलोदर:- इसके जड़ के चुर्णं को 2-3 मासा जवाखार मिलाकर नित्य सेवन करने से जलोदर रोग में आराम मिलता है।
अस्थमा- अंकोल के जड़ को निम्बु के रस के साथ घिस कर आधा चम्मच सुबह शाम सेवन करने से अस्थमा रोग समाप्त हो जाता है।
गांठ या सुजन:- इसकी जड़ को घिसकर सुजन अथवा गांठों पर लगाने से सुजन मे आराम तथा गांठों से मुक्ति मिलती है।
जलोदर:- इसके जड़ के चुर्णं को 2-3 मासा जवाखार मिलाकर नित्य सेवन करने से जलोदर रोग में आराम मिलता है।
अस्थमा- अंकोल के जड़ को निम्बु के रस के साथ घिस कर आधा चम्मच सुबह शाम सेवन करने से अस्थमा रोग समाप्त हो जाता है।
गांठ या सुजन:- इसकी जड़ को घिसकर सुजन अथवा गांठों पर लगाने से सुजन मे आराम तथा गांठों से मुक्ति मिलती है।
Wednesday, 6 August 2014
एरंडी
एरंडी बालों की समस्या दूर करने के लिए अरंडी का तेल प्रयोग करना बहुत ही कारगर है। में यह गंजापन जो विविध कारणों से जैसे व्यक्ती के जीन्स, आहार, रोजमर्रा के जीवन के तनाव के स्तर, व्यक्ती के परिवेश, साथ ही जिवनशैली के परिणाम स्वwww.jkhealthworld.com/hindi/एरंडीरुप होता है, के लिए प्राकृतिक बालों के तेल का एक प्रकार माना जाता है
Tuesday, 5 August 2014
जब घर पर करना हो फेशियल | क्यों जरूरी है फेशियल | घर पर ही हो जाएं चकाचक
i/http://jkhealthworld.co
m/hindi/फेशियल
घर पर ही हो जाएं चकाचक बारिश के चलते अगर आप पार्लर जाकर फेशियल नहीं करवा पा रही हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं, आप घर की चीजों... ... वैसे, तो आप स्क्रब भी कर सकती हैं, लेकिन स्किन को एक्सफोलिएट करने का यह तरीका ज्यादा बेस्ट है।
ऐसे में त्वचा की देखभाल भी ज़रूरी है और चेहरे की देखभाल का सबसे अच्छा उपचार है फेशियल। ... जिनकी उम्र 25 वर्ष से अधिक है उनको पंद्रह दिन में एक बार फेशियल करना अपनी आदत बना लेना चाहिए। उचित सफाई ... फिर गोल्ड जैल लगाया जाता है और क्रीम को जज्ब कराने के लिए विशेष तरीके को अपनाया जाता है………
i/http://jkhealthworld.co
m/hindi/फेशियल
घर पर ही हो जाएं चकाचक बारिश के चलते अगर आप पार्लर जाकर फेशियल नहीं करवा पा रही हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं, आप घर की चीजों... ... वैसे, तो आप स्क्रब भी कर सकती हैं, लेकिन स्किन को एक्सफोलिएट करने का यह तरीका ज्यादा बेस्ट है।
ऐसे में त्वचा की देखभाल भी ज़रूरी है और चेहरे की देखभाल का सबसे अच्छा उपचार है फेशियल। ... जिनकी उम्र 25 वर्ष से अधिक है उनको पंद्रह दिन में एक बार फेशियल करना अपनी आदत बना लेना चाहिए। उचित सफाई ... फिर गोल्ड जैल लगाया जाता है और क्रीम को जज्ब कराने के लिए विशेष तरीके को अपनाया जाता है………
Friday, 1 August 2014
Jkhealthworld.com
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स्वस्थ
रहने के लिए खानपान के कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि
इन नियमों का पालन करके ही हर व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। टिप्स प्राप्त
करने के लिए यहां Click करें-
http://jkhealthworld.com/main/all-health-tips
रहने के लिए खानपान के कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि
इन नियमों का पालन करके ही हर व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। टिप्स प्राप्त
करने के लिए यहां Click करें-
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अमरूद
अमरूद
कच्चे अमरूद को पत्थर पर घिसकर उसका एक सप्ताह तक लेप करने से आधाशीशी (आधे सिर का दर्द) का दर्द समाप्त हो जाता है। यह प्रयोग प्रातःकाल करना चाहिए।
अमरूद खाने या अमरूद के पत्तों का रस पिलाने से भाँग का नशा कम हो जाता है।
ताजे अमरूद के 100 ग्राम बीजरहित टुकड़े लेकर उसे ठंडे पानी में 4 घंटे भीगने दीजिए। इसके बाद अमरूद के टुकड़े निकालकर फेंक दें। इस पानी को मधुमेह के रोगी को पिलाने से लाभ होता है।
अमरूद के ताजा पत्ते में एक छोटा-सा टुकड़ा कत्था लपेटकर पान की तरह चबाने से मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।
कच्चे अमरूद को पत्थर पर घिसकर उसका एक सप्ताह तक लेप करने से आधाशीशी (आधे सिर का दर्द) का दर्द समाप्त हो जाता है। यह प्रयोग प्रातःकाल करना चाहिए।
अमरूद खाने या अमरूद के पत्तों का रस पिलाने से भाँग का नशा कम हो जाता है।
ताजे अमरूद के 100 ग्राम बीजरहित टुकड़े लेकर उसे ठंडे पानी में 4 घंटे भीगने दीजिए। इसके बाद अमरूद के टुकड़े निकालकर फेंक दें। इस पानी को मधुमेह के रोगी को पिलाने से लाभ होता है।
अमरूद के ताजा पत्ते में एक छोटा-सा टुकड़ा कत्था लपेटकर पान की तरह चबाने से मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।
Wednesday, 30 July 2014
अलसी
अलसी
वात्सायन
ने स्त्री की योनियों के तीन प्रकार बताएं हैं। पहली मृगी अर्थात हिरणी के
समान उथली योनि वाली, दूसरी बड़वा अर्थात घोड़ी के समान मध्यम गहराई वाली
योनि और तीसरी हस्तिनी यानी हथिनी के समान गहराई वाली योनि। जिस तरह लिंग
को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं, उसी तरह योनि के जन्म को लेकर भी कम
अजब-गजब मान्यताएं नहीं हैं। http://jkhealthworld.com/hindi/अलसी
अलसी में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, केरोटिन, थायमिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन पाए जाते हैं। यह गनोरिया, नेफ्राइटिस, अस्थमा, सिस्टाइटिस, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, कब्ज, बवासीर, एक्जिमा के उपचार में उपयोगी है।
वात्सायन
ने स्त्री की योनियों के तीन प्रकार बताएं हैं। पहली मृगी अर्थात हिरणी के
समान उथली योनि वाली, दूसरी बड़वा अर्थात घोड़ी के समान मध्यम गहराई वाली
योनि और तीसरी हस्तिनी यानी हथिनी के समान गहराई वाली योनि। जिस तरह लिंग
को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं, उसी तरह योनि के जन्म को लेकर भी कम
अजब-गजब मान्यताएं नहीं हैं। http://jkhealthworld.com/hindi/अलसी
अलसी में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, केरोटिन, थायमिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन पाए जाते हैं। यह गनोरिया, नेफ्राइटिस, अस्थमा, सिस्टाइटिस, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, कब्ज, बवासीर, एक्जिमा के उपचार में उपयोगी है।
Tuesday, 29 July 2014
अर्जुन
http://jkhealthhttp://jkhealthworld.com/hindi/अर्जुनworld.com/hindi/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A8http://jkhealthworld.com/hindi/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A8
अर्जुन1.हृदय रोग : हृदय रोग के रोगी के लिए अर्जुनारिष्ट का सेवन बहुत लाभप्रद
सिद्ध हुआ है। दोनों वक्त भोजन के बाद 2-2 चम्मच (बड़ा चम्मच) यानी 20-20
मि.ली. मात्रा में अर्जुनारिष्ट आधा कप पानी में डालकर 2-3 माह तक निरंतर
पीना चाहिए। इसके साथ ही इसकी छाल का महीन चूर्ण कपड़े से छानकर 3-3 ग्राम
(आधा छोटा चम्मच) मात्रा में ताजे पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करना चाहिए।
2.रक्तपित्त : चरक के अनुसार, इसकी छाल रातभर पानी में भिगोकर रखें, सुबह
इसे मसल-छानकर या काढ़ा बनाकर पीने से रक्तपित्त नामक व्याधि दूर हो जाती
है।
3.मूत्राघात : पेशाब की रुकावट होने पर इसकी अंतरछाल को कूट-पीसकर
2 कप पानी में डालकर उबालें। जब आधा कप पानी शेष बचे, तब उतारकर छान लें
और रोगी को पिला दें। इससे पेशाब की रुकावट दूर हो जाती है। लाभ होने तक
दिन में एक बार पिलाएं।
Tuesday, 22 July 2014
Wednesday, 18 June 2014
Tuesday, 17 June 2014
Friday, 6 June 2014
अंकोल
अंकोल
इनकी पंक्तियाँ तीन से छह इंच लंबी अपलक, दीर्घवतया लंबगोल, नुकीली या हल्की नोंक वाली, आधार की तरफ पतली या विभिन्न गोलाई लिए हुए होती है। इनका ऊपरी तल चिकना एवं निचला तल मुलायम रोगों से युक्त होता है। मुख्य शिरा से पाँच से लेकर आठ की संख्या में छोटी शिराएँ निकलकर पूरे पत्र दल में फैल जाती हैं। ये पति्तयाँ एकांतर क्रम में लगभग आधे इंच लंबे पूर्णवृत द्वारा पौधे की शाखाओं से लगी रहती हैं।
पुष्प श्वेत एवं मीठी गंध से युक्त होते हैं। फरवरी से अप्रैल तक इस पौधे में फूल लगते हैं। बाह्य दल रोमयुक्त एवं परस्पर एक-दूसरे से मिलकर एक नलिकाकार रचना बनाते हैं जिसका ऊपरी किनारा बहुत छोटे-छोटे भागों में कटा रहता है। इन्हें बाह्यदलपुंज दंत कहते हैं।
इनकी पंक्तियाँ तीन से छह इंच लंबी अपलक, दीर्घवतया लंबगोल, नुकीली या हल्की नोंक वाली, आधार की तरफ पतली या विभिन्न गोलाई लिए हुए होती है। इनका ऊपरी तल चिकना एवं निचला तल मुलायम रोगों से युक्त होता है। मुख्य शिरा से पाँच से लेकर आठ की संख्या में छोटी शिराएँ निकलकर पूरे पत्र दल में फैल जाती हैं। ये पति्तयाँ एकांतर क्रम में लगभग आधे इंच लंबे पूर्णवृत द्वारा पौधे की शाखाओं से लगी रहती हैं।
पुष्प श्वेत एवं मीठी गंध से युक्त होते हैं। फरवरी से अप्रैल तक इस पौधे में फूल लगते हैं। बाह्य दल रोमयुक्त एवं परस्पर एक-दूसरे से मिलकर एक नलिकाकार रचना बनाते हैं जिसका ऊपरी किनारा बहुत छोटे-छोटे भागों में कटा रहता है। इन्हें बाह्यदलपुंज दंत कहते हैं।
Friday, 30 May 2014
अनन्नास
अनन्नास अन्नानास मे पाये जाने वाले रसायनिक तत्व एवं एन्टी ऑक्सीडेट शरीर के रक्त स्तर के साथ–साथ मानसिक स्तर को भी दुरस्त रखता है। जो व्यक्ति अन्नानास का प्रतिदिन सेवन करते हैं, वह व्यक्ति जानते हैं कि अन्नानास उन्हें दिन भर क्रिएटिव व ऊर्जावान रखता है। अन्नानास में पाये जाने वाले विटामिन ए, बी, सी व मैग्नेशियम, पोटेशियम व क्तिशाली एन्टीऑक्सीडेट फीरेडिकल्स को नष्ट करने के लिए उनके साथ लड़ते हैं व बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करते हैं।
Thursday, 29 May 2014
अमरूद
अमरूद
बरसात और सर्दियों के दिनों में आपको अमरूद बहुतायत में दिखायी पड़ते हैं। देखने में हरे और लाल रंग के अमरूद लोगों को काफी पसंद आते है। ये खाने में तो स्वादिष्ट होते ही है साथ ही ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं। क्या आपको पता है कि अमरूद में विटामिन सी की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे स्किन डिजीज यानी त्वचा संबधित रोग नहीं होते हैं। ये चेहरे को कांतिमय बनाता है। इसमें विटामिन,फाइबर और मिनरल प्रचुर मात्रा में होता है। ये कब्जित को दूर करता है। जिन के नाक-कान से खून आता है उन्हें भी अमरूद का सेवन करना चाहिए। साथ ही एसिडिटी, अस्थमा, ब्लडप्रेशर, मोटापा आदि समस्याओं में फायदा पहुंचाता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करता है। ये पित्त रोगों में भी मददगार होता है। वैसे भी अमरूद ऐसा फल है जो लोगों की जेब का भी हिसाब रखता है इसलिए अगर आप भी सुंदर और स्वस्थ बनना चाहते है वो भी किफायती दाम में तो आज से ही अमरूद का सेवन शुरू कर दें।
अमर बेल
अमर बेल
- अमरबेल के चूर्ण को सोंठ और घी मिलाकर लेप करने से पुराना घाव भरता है या इसके बीजो को पीसकर पुराने घाव पर लेप करें, इससे घाव ठीक हो जाता है।
- अमरबेल के चूर्ण को सोंठ और घी मिलाकर लेप करने से पुराना घाव भरता है या इसके बीजो को पीसकर पुराने घाव पर लेप करें, इससे घाव ठीक हो जाता है।
1. पहचाने- अमरबेल बिना जड़ का पीले रंग का परजीवी पौधा है। यह पेड़ों के ऊपर अपने आप उग आती है। बिना जड़ के पौधों पर ऊपर की ओर चढ़ता है। इसमें गुच्छों में सफेद फूल लगे होते हैं।
2. उपयोग- कैसी भी खुजली हो, अमरबेल पीसकर उस पर लेप करने से खुजली खत्म हो जाती है।
3.पेट फूलने एवं आफरा होने पर इसके बीज जल में उबालकर पीस लें। इसका गाढ़ा लेप पेट पर लगाने से आफरा और उदर की पीड़ा खत्म होती है।
4.खून की खराबी होने पर कोमल ताजी फलियों के साथ तुलसी की चार-पांच पत्तियां चबा-चबाकर चूसना चाहिए।
5. इसके पत्तों का रस पीने से मूत्र संबंधी विकार दूर होते हैं।
6. अमरबेल के फूलों का गुलकंद बनाकर खाने से याददाश्त में वृद्धि होती है।
7. अमरबेल को पानी में उबालकर उससे सूजन वाली जगह की सिकाई करें। कुछ दिनों तक इसका इस्तेमाल करने पर सूजन कम हो जाती है।
8 . इसके पत्तों का रस में सादा नमक मिलाकर दांतों पर मलने से दांत चमकीले होते हैं।
9.अमरबेल की टहनी का दूध चेहरे पर लगाने से गजब का निखार आता है।
यह प्रयोग करने से महावारी नियमित होती है।
Wednesday, 28 May 2014
अमलतास
अमलतास अमलतास का पेड़ काफी बड़ा होता है, जिसकी ऊंचाई 25-30 फुट तक होती है। इसके पेड़ की छाल ... लिए होती है। अमलतास मधुर, प्रकृति में शीतल, भारी, कफनाशक और पेट साफ करने वाला है।
पित्त प्रकोप :अमलतास के गूदे के 40-60 मिलीलीटर काढ़े में 5-10 ग्राम इमली का गूदा मिलाकर सुबह-सुबह पिलाने से पित्त प्रकोप में लाभ होता है। यदि रोगी को कफ की अधिकता हो तो इसमें थोड़ा निशोत का चूर्ण भी मिलाना चाहिए।
लाल रंग के निशोत के काढे़ के साथ अमलतास की मज्जा का कल्क मिलाकर अथवा बेल के काढ़े के साथ अमलतास की मज्जा का कल्क, नमक एवं शहद मिलाकर पित्त की प्रधानता में 10-20 मिलीलीटर की मात्रा में पीना चाहिए।
अमलतास के गूदे का 40-60 मिलीलीटर काढ़ा पित्तोदर में लाभप्रद है।
Tuesday, 27 May 2014
पेट में कीड़े
1. पेटमें कीड़े
कई बार किन्ही कारणों से पेट में कीड़े
हो जाते हैं जिनसेकाफी पीड़ा होती है | पेट में पाए जाने वाले कीड़ों के सामान्य
लक्षण है --- सोते हुए दाँत पीसना ,शरीर का रंग
पीला या काला होना , भोजन से अरुचि , होंठ सफ़ेद होना , शरीर
में सूजन होना आदि | तो आइए जानते हैं इनसे छुटकारा पाने के
1.-अनार के छिलकों को सुखाकर चूर्ण बना लें | यह चूर्ण दिन में
तीन बार एक -एक चम्मच लें , इससे
-2. पके अनार के 10 ग्राम रस में भुना हुआ जीरा और गुड़ समान
मात्रा में मिलाकर दिन में दो या तीन बार लें। पाचन
शक्ति की दुर्बलता दूर होगी।
- काली राई 2-4 ग्राम लेने से कब्ज से होने
वाली बदहजमी मिट जाती है।
- अनानास के पके फल के बारीक टुकड़ों में सेंधा नमक और
काली मिर्च मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
- भोजन करने के बाद बेचैनी महसूस हो तो अनानास का रस...
Friday, 9 May 2014
अजवाइन से उपचार
भोजन पकाते वक्त हम अवायन का काफी प्रयोग करते हैं। यह बहुत ही गुणकारी होती है इसलिये इसको हम चाह कर भी नजहर अंदाज नहीं कर सकते। घरों में तो अजवाइन का खट्टा-मीठा चूरन भी बनाकर रखा जाता है जो अक्सर खाने के बाद सेवन मे लायाअजवाइन से उपचार
भोजन पकाते वक्त हम अवायन का काफी प्रयोग करते हैं। यह बहुत ही गुणकारी होती है इसलिये इसको हम चाह कर भी नजहर अंदाज नहीं कर सकते। घरों में तो अजवाइन का खट्टा-मीठा चूरन भी बनाकर रखा जाता है जो अक्सर खाने के बाद सेवन मे लायाअजवाइन से उपचार
Thursday, 8 May 2014
Saturday, 3 May 2014
Friday, 2 May 2014
Thursday, 1 May 2014
Monday, 7 April 2014
Welcome to Medical directory. There are many peoples and doctors who use this site to get health information and share own medical knowledge for peoples. If you want that more peoples knew about you and your achievement. You can Make your m...See More
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— with Ariyan Niloy
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Friday, 14 March 2014
Happy Holi
Happy Holi
"लाल" आपके गालों के_लिए
"काला"आपके बालों के_लिए
"नीला"आपकी आँखों के_लिए
"पीला' आपके हाथों के_लिए
"गुलाबी" आपके सपनों के_लिए
"सफ़ेद"आपके मन के_लिए
"हरा" आपके जीवन के_लिए
"होली"के इन सात रंगों के साथ
रंग भरी शुभकामनाएँ...
रसिया रस लूटो होली_में
राम रंग पिचुकारि
भरो सुरति की झोली_में
हरि गुन गाओ, ताल बजाओ
खेलो_संग हमजोली में
मन को रंग लो रंग रंगिले
कोई_चित चंचल चोली में
HOLI KI धूमि मची है
Sare भक्तन की टोली में।
Wo Paani ki_Bauchar
wo gulaal ki_Fuar
wo Gharo se nikalna
wo Galion me Ghumna
Wo Dosto ki_Dhoom
O Yaara Holi"HOLI" is coming soon
"HAPPY HOLI" IN_ADVANCE
पिचकारी की_धार,
गुलाल की बौछार,
अपनों का_प्यार,
यही है यारों होली_का त्यौहार.
हैप्पी होली!!!!
"लाल" आपके गालों के_लिए
"काला"आपके बालों के_लिए
"नीला"आपकी आँखों के_लिए
"पीला' आपके हाथों के_लिए
"गुलाबी" आपके सपनों के_लिए
"सफ़ेद"आपके मन के_लिए
"हरा" आपके जीवन के_लिए
"होली"के इन सात रंगों के साथ
रंग भरी शुभकामनाएँ...
रसिया रस लूटो होली_में
राम रंग पिचुकारि
भरो सुरति की झोली_में
हरि गुन गाओ, ताल बजाओ
खेलो_संग हमजोली में
मन को रंग लो रंग रंगिले
कोई_चित चंचल चोली में
HOLI KI धूमि मची है
Sare भक्तन की टोली में।
Wo Paani ki_Bauchar
wo gulaal ki_Fuar
wo Gharo se nikalna
wo Galion me Ghumna
Wo Dosto ki_Dhoom
O Yaara Holi"HOLI" is coming soon
"HAPPY HOLI" IN_ADVANCE
पिचकारी की_धार,
गुलाल की बौछार,
अपनों का_प्यार,
यही है यारों होली_का त्यौहार.
हैप्पी होली!!!!
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