Wednesday, 30 July 2014

अलसी

अलसी

वात्सायन
ने स्त्री की योनियों के तीन प्रकार बताएं हैं। पहली मृगी अर्थात हिरणी के
समान उथली योनि वाली, दूसरी बड़वा अर्थात घोड़ी के समान मध्यम गहराई वाली
योनि और तीसरी हस्तिनी यानी हथिनी के समान गहराई वाली योनि। जिस तरह लिंग
को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं, उसी तरह योनि के जन्म को लेकर भी कम
अजब-गजब मान्यताएं नहीं हैं।    http://jkhealthworld.com/hindi/अलसी

अलसी में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, केरोटिन, थायमिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन पाए जाते हैं। यह गनोरिया, नेफ्राइटिस, अस्थमा, सिस्टाइटिस, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, कब्ज, बवासीर, एक्जिमा के उपचार में उपयोगी है।

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